Total Pageviews


Sidhbali Temple Kotdwar [Garhwal]

Sunday, 10 October 2010

returning after vacation

नमस्ते,
            पारिवारिक कार्यवश काफी लंबा अवकाश मना लिया| दिल्ली चला गया था|बच्चों के साथ अनेक कार्यों में व्यस्त रहा| फिर आया और फिर गया| परन्तु अब आ गया हूँ\
              इस बीच दिल्ली की जिन्दगी  नजदीक से देखने का मौक़ा मिला|घुटन सी महसूस हो रही थी|इस से कहीं अच्छा और स्वस्थ जीवन हमारे कोटद्वार का है| वहाँ पर आदमी समय का गुलाम बन कर रह गया है जबकि यहाँ उसके पास सभी काम करने का भरपूर समय है\मैं तो इस्सी निष्कर्ष पर पहुंचा हूँ क़ि हमारे कोटद्वार का जीवन दिल्ली क़ि अपेक्षा अच्छा है|
                आज इतना ही|शुभ रात्रि|

Monday, 2 August 2010

learning to write in my blog

आज बड़ी मुश्किल से ढूँढा क़ि अपने ब्लॉग में कैसे लिखते हैं |  बचपन में मैंने कई दोहे और कवितायेँ पढ़ीं थीं जिन्होंने मुझे बहुत प्रभावित किया | १- बिना बिचारे जो करे , सो पाछे पछताय | काम बिगारे  आपनो , जग में होत
हँसाय ||------इसीलिये मैं जब भी कोई काम करता हूँ तो काफी सोच  समझ कर उसे शुरू करता हूँ | इस से कुछ देर तो अवश्य होती है लेकिन गलती की संभावना कम होती है|
                                   बाकी फिर किसी दूसरे दिन | बाय |

Sunday, 16 May 2010

kotdwar news

17 -05 -2010  ,KOTDWAR
कल रात रात्रि जागरण था I  9 बजे से ऑस्ट्रेलिया का इंग्लॅण्ड से फाइनल और रात डेड़ बजे से ऑस्ट्रेलिया का न्यूजीलैंड से महिला फाइनल I आशा के विपरीत पुरुष में इंग्लॅण्ड जीत गया लेकिन महिला में ऑस्ट्रेलिया ठीक ही जीत गया I इस साल टी-20 में सबका विचार था कि भारत ही जीतेगा I लेकिन अबके भारतीय खिलाडी कुछ थके थके से लग रहे थे I हॉकी में भारत की सफलता से बड़ी खुशी हुयी I

Saturday, 15 May 2010

BEGINNING MY BLOG

आज 15 मई 2010  को मैं ईश्वर का नाम ले कर अपना यह लेखन प्रारंभ करता हूँ I अभी मेरे कम ही पाठक हैं लेकिन धीरे धीरे  यह संख्या बढती चली जायेगी I 
सभी पाठकों को हार्दिक शुभ कामनाएं I