नमस्कार,
बसंत के आते ही सर्दी का प्रकोप समाप्त हो जाता है.मन प्रफुल्लित हो उठता है.चारों ओर पुष्प प्रस्फुटित होने लगते हैं.मन मयूर नाच उठता है.बसंत के आगमन पर सभी साथियों को हार्दिक शुभकामनायें.
शुभरात्रि..........
नमस्कार ,
लम्बे अवकाश के बाद दिल्ली से लौटा हूँ. आँखों का ऑपरेशन करवाने गया था. अब मैं साफ़ साफ़ देख रहा हूँ. लम्बे अरसे के बाद मैं कुछ लिख पाऊंगा. यह सोच कर ही आनंद आ गया. नए साल की मुबारकवाद सभी लोगों के लिये. .........बाकी फिर . ...........
नमस्कार , मुझे लग रहा है क़ि वर्ल्ड कप अबके भारत ही उठा के लाएगा / इसके लिए हमारी क्रिकेट selection committee सभी young खिलाड़ियों को आजमा रही है, जो क़ि एक अच्छी बात है /
नमस्कार,
इस दुनिया में भगवान् के सामने इंसान का अस्तित्व ही क्या है /होता वही है जो उसे मंजूर हो /इसलिये अभिमान , घृणा ,इर्ष्या , लालच सभी कुछ छोड़ कर उसकी शरण में अपने को समर्पित कर दो /........और अपने
कर्तब्य को करते रहो / यही सही है /
बिहार चुनाव परिणामों से ऐसा लगता है क़ि भारतीय इतिहास में एक नया मोड़ आ रहा है/ लोगों ने इस समय जाति और धर्म पर नहीं बल्कि विकास के आधार पर अपना वोट दिया है/ नितीश कुमार एक समझदार नेता लग रहा है / भगवान् करे वह इसी तरह काम करता रहे और भारतीय नेताओं को कुछ सीख मिले/
नमस्कार, कहते हैं क़ि आप भला तो जग भला/यदि हमारी विचारधारा अच्छी है तो हम हमेशा दूशरे की अच्छाईयां ही देखेंगे और हमें सभी अच्छे ही लगेंगे/ परन्तु यदि हमारे विचार बुरे होंगे तो हम दूसरे की बुराइयां ही देखेंगे और हमें सभी बुरे ही दिखेंगे/ अतः मेरे दोस्तों, सदैव दूसरों की अच्छी बातों को ग्रहण करो और स्वयं भी अच्छे बनो/ यदि आप बुराइयों की और ध्यान ही नहीं दोगे तो वह स्वयं ही आपसे दूर भाग कड़ी होंगी/
साधू ऐसा चाहिए ,जैसा सूप सुभाय/ सार सार को गहि रहे, थोथा देय उडाय//
नमस्कार . राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा /बधाई !आयोजन भी पूरी दुनिया में सराहा गया / लेकिन हमारे मीडिया ने बड़ा गैरजिम्मेदार नजरिया अपनाया /विपक्सी पार्टियों ने भी खेल की तैयारियों को ले कर काफी हो हल्ला मचाया /वो तो सब कुछ बड़े अच्छे ढंग से निबट गया वरना ये लोग देश की हंसी उड़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोरते / इश्वर सबको सद्बुद्धि दे /
जय भारत /
नमस्ते,
पारिवारिक कार्यवश काफी लंबा अवकाश मना लिया| दिल्ली चला गया था|बच्चों के साथ अनेक कार्यों में व्यस्त रहा| फिर आया और फिर गया| परन्तु अब आ गया हूँ\
इस बीच दिल्ली की जिन्दगी नजदीक से देखने का मौक़ा मिला|घुटन सी महसूस हो रही थी|इस से कहीं अच्छा और स्वस्थ जीवन हमारे कोटद्वार का है| वहाँ पर आदमी समय का गुलाम बन कर रह गया है जबकि यहाँ उसके पास सभी काम करने का भरपूर समय है\मैं तो इस्सी निष्कर्ष पर पहुंचा हूँ क़ि हमारे कोटद्वार का जीवन दिल्ली क़ि अपेक्षा अच्छा है|
आज इतना ही|शुभ रात्रि|
आज बड़ी मुश्किल से ढूँढा क़ि अपने ब्लॉग में कैसे लिखते हैं | बचपन में मैंने कई दोहे और कवितायेँ पढ़ीं थीं जिन्होंने मुझे बहुत प्रभावित किया | १- बिना बिचारे जो करे , सो पाछे पछताय | काम बिगारे आपनो , जग में होत
हँसाय ||------इसीलिये मैं जब भी कोई काम करता हूँ तो काफी सोच समझ कर उसे शुरू करता हूँ | इस से कुछ देर तो अवश्य होती है लेकिन गलती की संभावना कम होती है|
बाकी फिर किसी दूसरे दिन | बाय |
17 -05 -2010 ,KOTDWAR
कल रात रात्रि जागरण था I 9 बजे से ऑस्ट्रेलिया का इंग्लॅण्ड से फाइनल और रात डेड़ बजे से ऑस्ट्रेलिया का न्यूजीलैंड से महिला फाइनल I आशा के विपरीत पुरुष में इंग्लॅण्ड जीत गया लेकिन महिला में ऑस्ट्रेलिया ठीक ही जीत गया I इस साल टी-20 में सबका विचार था कि भारत ही जीतेगा I लेकिन अबके भारतीय खिलाडी कुछ थके थके से लग रहे थे I हॉकी में भारत की सफलता से बड़ी खुशी हुयी I
आज 15 मई 2010 को मैं ईश्वर का नाम ले कर अपना यह लेखन प्रारंभ करता हूँ I अभी मेरे कम ही पाठक हैं लेकिन धीरे धीरे यह संख्या बढती चली जायेगी I
सभी पाठकों को हार्दिक शुभ कामनाएं I